ईरानी राजदूत का बड़ा बयान: भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से जल्द मिलेगी सुरक्षित आवाजाही

 

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने शुक्रवार को संकेत दिया कि मध्य पूर्व तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों को जल्द सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत ईरान का मित्र देश है और दोनों देशों के इस क्षेत्र में साझा हित हैं। राजदूत ने यह भी कहा कि युद्ध के बाद की परिस्थितियों में भारत सरकार ने कई क्षेत्रों में ईरान की मदद की है।

एक दिन पहले ईरान के उप विदेश मंत्री मजीद तख्त-रवांची ने बताया था कि तेहरान ने कुछ देशों के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान द्वारा जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने के आरोप निराधार हैं, हालांकि युद्ध के दौरान यह मार्ग बंद था। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई में शामिल देशों को इस मार्ग का लाभ नहीं मिलेगा।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है जहां से वैश्विक तेल और गैस निर्यात का करीब 20 प्रतिशत गुजरता है। भारत के पत्तन एवं जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि फारस की खाड़ी में अभी भारतीय झंडे वाले 28 जहाज मौजूद हैं।

इनमें से 24 जहाज होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में हैं जिन पर 677 भारतीय नाविक सवार हैं, जबकि 4 जहाज पूर्व में हैं जिन पर 101 नाविक हैं। सभी जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर निगरानी रखी जा रही है और 28 फरवरी 2026 को जारी सुरक्षा सलाह अभी भी लागू है।

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