कुछ दिन पहले तक एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए मची अफरातफरी अब थमती नजर आ रही है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि 13 मार्च को जहां 88.8 लाख सिलेंडर की बुकिंग हुई थी, वहीं 14 मार्च को यह घटकर 77 लाख पर आ गई। यह गिरावट इस बात का संकेत है कि सरकार के लगातार आश्वासनों और जमाखोरी विरोधी अभियानों का असर दिखने लगा है।
पीआईबी इंडिया ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग की हिस्सेदारी बढ़कर 87 प्रतिशत हो गई है जो पहले 84 प्रतिशत थी — यानी लोग अब डिजिटल प्लेटफॉर्म की तरफ बढ़ रहे हैं। साथ ही यह भी राहत की बात है कि किसी भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के यहां गैस खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
जमीनी स्तर पर भी सरकार की कार्रवाई तेज है। 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं और जमाखोरी व कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी जारी है। होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारतीय जहाज शिवालिक मुंद्रा बंदरगाह पहुंच चुका है और जहाज नंदा देवी भी मंगलवार को कांडला बंदरगाह पहुंचने वाला है। दोनों जहाजों में मिलाकर करीब 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर बुकिंग न करें, डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और वितरकों के पास अनावश्यक रूप से न जाएं।










