नेपाल में नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के शपथ लेने के कुछ घंटों के भीतर ही बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को जेन-जी आंदोलन से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। उनके साथ पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी हिरासत में लिया गया है।
गिरफ्तारी की पुष्टि मौजूदा गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने सोशल मीडिया के जरिए करते हुए कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और यह कार्रवाई बदले की नहीं, बल्कि न्याय की शुरुआत है।
दरअसल, सितंबर 2025 में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ शुरू हुआ जेन-जी आंदोलन हिंसक हो गया था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी। इसी मामले में जांच के बाद अब कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओली को उनके गुंडू स्थित आवास से और रमेश लेखक को भक्तपुर के कुटुंजे इलाके से गिरफ्तार किया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नेपाल के इतिहास में पहली बार है जब किसी पूर्व प्रधानमंत्री को हत्या जैसे गंभीर आरोपों में हिरासत में लिया गया है। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्रियों से पूछताछ तो हुई थी, लेकिन इस तरह की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
जांच आयोग की हालिया रिपोर्ट में पूर्व प्रधानमंत्री ओली, पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक और अन्य अधिकारियों पर क्रिमिनल कोड 2017 की धारा 182 के उल्लंघन का शक जताया गया था। इसी आधार पर कार्रवाई की गई है।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के शपथ लेने के तुरंत बाद हुई कैबिनेट बैठक में जांच आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का फैसला लिया गया। इसके बाद गृह मंत्री ने पुलिस को जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए और कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई।
यह घटनाक्रम नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव संकेत देता है, जहां सत्ता परिवर्तन के तुरंत बाद जवाबदेही और कानून के पालन पर सख्त रुख अपनाया गया है।











