प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में पश्चिम एशिया संघर्ष पर देश को भरोसा दिलाया कि भारत हर चुनौती के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी इस युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है, जिससे भारत के व्यापार मार्ग, पेट्रोल, डीजल, गैस और फर्टिलाइजर की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार किसी एक ऊर्जा स्रोत पर निर्भर न रहने की नीति पर काम कर रही है। पहले भारत 27 देशों से ऊर्जा आयात करता था, अब यह संख्या बढ़कर 41 देश हो गई है। साथ ही घरेलू गैस आपूर्ति में LPG के साथ-साथ PNG को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। बीते 11 वर्षों में 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व विकसित किया गया है और 65 लाख मीट्रिक टन से अधिक के रिजर्व पर काम जारी है।
आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़े कदम उठाते हुए सरकार ने मेड इन इंडिया जहाज बनाने के लिए करीब 70,000 करोड़ रुपये का अभियान शुरू किया है क्योंकि अभी भारत का 90% से अधिक तेल विदेशी जहाजों पर निर्भर है। रक्षा क्षेत्र में भी भारत अब अपनी जरूरत के अधिकांश हथियार देश में ही बना रहा है। दवाओं के कच्चे माल यानी API के लिए भी घरेलू इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है।
पीएम ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा, ‘सरकार सतर्क है, तत्पर है और पूरी गंभीरता से रणनीति बना रही है। देश की जनता का हित हमारे लिए सर्वोपरि है।’ उन्होंने चेतावनी भी दी कि इस युद्ध के दुष्प्रभाव लंबे समय तक बने रह सकते हैं, इसलिए हर चुनौती के लिए तैयार रहना जरूरी है।











