पेपर लीक करना ‘राष्ट्रीय पाप’, दोषियों को ऐसा सबक सिखाएंगे

बता दें कि ‘पेपर लीक’ के मुद्दे पर अभ्यर्थियों के विरोध-प्रदर्शन के बाद, राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में 17 और 18 फरवरी को हुई पुलिस भर्ती परीक्षा को शनिवार को निरस्त कर दिया था और छह माह के भीतर पुन: परीक्षा कराने का आदेश दिया। इसे लेकर आदित्यनाथ ने कहा- ‘नियुक्ति की प्रक्रिया अगर ईमानदारी से आगे नहीं बढ़ पा रही है तो यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और उनकी प्रतिभा को पलायन के लिए मजबूर करता है।

ये राष्ट्रीय पाप: मुख्यमंत्री ने कहा- ‘‘युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना राष्ट्रीय पाप है और इसमें लिप्त लोगों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि वे ना घर के रहेंगे न घाट के। ऐसे तत्वों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई भविष्य के लिए नजीर के रूप में याद रखी जाएगी। ’’ मुख्यमंत्री ने अलग-अलग विभागों में चयनित युवाओं को प्रदेश की सेवाओं में आने के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की दृष्टि ‘डबल इंजन’ सरकार का मिशन भी है।

मुख्‍यमंत्री ने नव चयनित अभ्यर्थियों से गरीबों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के साथ जवाबदेही व जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने की अपील की. बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और विद्युत सेवा आयोग द्वारा संचालित भर्ती प्रक्रिया के तहत 1782 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया।

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