प्रधानमंत्री ने कहा – अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर संतुलित विकास की दिशा में आगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर के सर्वांगीण विकास में मुख्य बाधा थी। भारतीय जनता पार्टी सरकार ने इसे वर्ष 2019 में निष्प्रभावी कर दिया था।

हमारे जम्मू संवाददाता ने प्रधानमंत्री का उल्लेख करते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से जम्मू-कश्मीर में सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास हुआ है। जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य भागों के लिए अनेक परियोजनाओं की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने जम्मू के एम ए स्‍टेडियम में विशाल रैली को संबोधित किया। इनमें 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाएं जम्‍मू-कश्‍मीर में और 13 हजार 500 करोड़ रुपये की परियोजनाएं देश के अन्य भागों के लिए शुरू की गई।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि यह क्षेत्र दशकों तक वंशवादी राजनीति का खामियाजा भुगत रहा था। वंशवादी राजनीति में लिप्त राजनीतिक दलों ने केवल अपने हित की परवाह की। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर के आम लोगों को संविधान में निहित सामाजिक न्याय का आश्वासन मिला और आज जम्मू-कश्मीर को लेकर पूरी दुनिया में बहुत उत्साह है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का मतलब विकसित जम्मू-कश्मीर है।

मोदी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत में रिकॉर्ड संख्या में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्थापित किए गए। जम्मू-कश्मीर में ही 50 नए डिग्री कॉलेज स्थापित किए गए। मोदी ने जम्मू-कश्‍मीर में शिक्षा, रेलवे, विमानन और सड़क क्षेत्रों से संबंधित परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्‍यास किया हैं। प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के लगभग डेढ हजार नए चयनित हुए सरकारी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए और ‘विकसित भारत, विकसित जम्मू’ कार्यक्रम के हिस्से के रूप में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के साथ बातचीत की।

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