बिहार की राजनीति में एनडीए ने एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवा दिया है। राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने बिहार की सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज कर विपक्षी महागठबंधन को करारा झटका दिया। यह जीत सिर्फ संख्या की नहीं, बल्कि बिहार में एनडीए की जड़ों की गहराई को भी बयां करती है।
विजयी उम्मीदवारों में भाजपा से नितिन नबीन और शिवेश राम, जनता दल (यूनाइटेड) से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा से उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। हालांकि परिणामों की औपचारिक घोषणा होना अभी बाकी है।
दूसरी ओर, महागठबंधन के लिए यह चुनाव निराशाजनक रहा। राष्ट्रीय जनता दल के एकमात्र उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को हार का सामना करना पड़ा। यह हार महागठबंधन के लिए सिर्फ एक सीट की नहीं, बल्कि बिहार में अपनी राजनीतिक जमीन खोने का संकेत भी है।
इस जीत के साथ राज्यसभा में बिहार से एनडीए का प्रतिनिधित्व और मजबूत हो गया है। नीतीश कुमार की राज्यसभा में वापसी विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह केंद्र की राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका को और धार देगी। बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले यह जीत एनडीए के मनोबल के लिए भी बड़ा बूस्टर साबित होगी।
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