मुंबई के घाटकोपर में कुछ दिन पहले हुए हादसे में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। मामले की जांच में जुटी पुलिस को इस बात का भी पता लगाना है कि इतनी बड़ी होर्डिंग कैसे लगाई गई। इस घटना के आरोपी को जहां गिरफ्तार किया जा चुका है वहीं इस मामले की जांच की जिम्मेदारी अब क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। पुलिस ने इस मामले में सोमवार को एफआईआर दर्ज कर ली थी।
मुंबई के घाटकोपर इलाक़े में स्थित पेट्रोल पंप पर तेज़ हवा के चलते एक होर्डिंग गिर गई थी। इस घटना में 16 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी जबकि 75 लोग घायल हुए हैं। इस मामले में मुंबई पुलिस ने मुख्य आरोपी भावेश प्रभुदास भिंडे को उदयपुर से गिरफ्तार किया है। भिंडे के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।
बताया जा रहा है कि यह होर्डिंग अवैध थी क्योंकि यहां पर 40 x 40 के होर्डिंग की इजाजत थी और जो होर्डिंग लोगों पर गिरी है उसकी माप 120 x 120 फीट पाई गई। क्राइम ब्रांच को संभवत: इस एंगल से भी जांच करनी होगी कि अगर यह अवैध होर्डिंग थी तो फिर इतने दिनों तक प्रशासन की नजर क्यों नहीं गई और आखिरकार इस पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई।










