उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के पश्चात सरकारी एजेंसियों द्वारा संयुक्त बचाव अभियान निरंतर जारी है। सेना, वायुसेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा प्रशासनिक अधिकारी फंसे हुए नागरिकों के सुरक्षित निकासी हेतु प्रयासरत हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, अब तक गंगोत्री एवं निकटवर्ती क्षेत्रों से कुल 274 नागरिकों को हर्षिल स्थानांतरित किया गया है। इनमें गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, असम, कर्नाटक, तेलंगाना एवं पंजाब के नागरिक सम्मिलित हैं। सभी को उत्तरकाशी अथवा देहरादून भेजा जा रहा है।
बचाव कार्य में वायुसेना के चिनूक, एमआई-17 सहित 6 हेलीकॉप्टर कार्यरत हैं, जिन्हें आगामी दिवस में बढ़ाकर 8 किया जाएगा। सेना के एचएएल और चीता हेलीकॉप्टर भी प्रातः 7 बजे से संचालित हैं।
वर्तमान में कुल 479 अधिकारी एवं कर्मचारी सक्रिय रूप से कार्यरत हैं, जिनमें राजपुताना रायफल्स, सेना की घातक टीम, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस, चिकित्सा दल तथा प्रशासनिक कर्मचारी शामिल हैं। अतिरिक्त 814 सदस्य विभिन्न स्थानों से तैनात किए गए हैं।
चिकित्सा सुविधाओं के अंतर्गत धराली, हर्षिल, मातली तथा उत्तरकाशी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। कुल 294 सामान्य एवं 65 आईसीयू बेड उपलब्ध कराए गए हैं।
अब तक 230 व्यक्तियों को बचाया गया है, जिनमें से 13 घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गंगोत्री में अभी भी लगभग 400 लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें क्रमशः निकाला जा रहा है।
दुर्भाग्यपूर्ण, इस आपदा में 2 मृतकों के शव प्राप्त हुए हैं, जबकि 9 सैनिक एवं 7 नागरिक अभी भी लापता हैं। राहत कार्यों के अंतर्गत 2,000 ‘रेडी टू इट’ खाद्य पैकेट एवं नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।











