व्हाइट हाउस ने गाजा से इजरायली बंधकों की वापसी और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के लिए बनाए गए नए अंतरराष्ट्रीय तंत्र को मिडिल ईस्ट में अमेरिकी विदेश नीति की बड़ी उपलब्धि बताया है। प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने ब्रीफिंग के दौरान कहा कि यह घटनाक्रम इजराइल के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए अहम है।
लेविट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने गाजा से बचे हुए अंतिम बंधक के शव की वापसी सुनिश्चित करने में मदद की। उनके मुताबिक, यह अमेरिका, उसके सहयोगियों और क्षेत्रीय शांति के लिए सकारात्मक संकेत है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, 20 से अधिक देशों ने गाजा के पुनर्निर्माण पर केंद्रित एक नए अंतरराष्ट्रीय मंच, ‘बोर्ड ऑफ पीस’, पर हस्ताक्षर किए हैं। लेविट ने इसे महीनों के संघर्ष के बाद समन्वित वैश्विक प्रयास की शुरुआत बताया। उनका कहना था कि यह पहल बुनियादी ढांचे की बहाली, मानवीय सहायता और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।
प्रेस सेक्रेटरी ने इस पहल को ट्रंप प्रशासन की एक “ऐतिहासिक उपलब्धि” करार देते हुए कहा कि निरंतर कूटनीतिक प्रयासों के जरिए जटिल परिस्थितियों में भी प्रगति संभव हुई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति व्यक्तिगत रूप से मिडिल ईस्ट शांति प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध हैं और क्षेत्रीय तथा वैश्विक साझेदारों के साथ संवाद जारी है, ताकि गाजा में स्थिरता लाई जा सके और हिंसा दोबारा न भड़के।
गाजा संघर्ष को लंबे समय से मानवीय संकट, सुरक्षा जोखिम और वैश्विक कूटनीति के जटिल मिश्रण के रूप में देखा जाता रहा है। बंधकों की वापसी और पुनर्निर्माण से जुड़ी पहलें युद्धोत्तर चर्चा के केंद्र में रही हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि गाजा के पुनर्निर्माण में अमेरिका की सक्रिय भूमिका और बहुपक्षीय तंत्र की स्थापना भविष्य में मिडिल ईस्ट की स्थिरता और शांति प्रक्रियाओं पर असर डाल सकती है। भारत सहित कई देश इस क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखे हुए हैं।










