भारतीय चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़ा निर्देश जारी किया है। आयोग ने पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस को आदेश दिया है कि राज्य में लंबित सभी गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट अगले 10 दिनों के भीतर लागू किए जाएं।
आयोग ने स्पष्ट किया कि जिन व्यक्तियों के खिलाफ ऐसे वारंट जारी हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा के अंदर गिरफ्तार कर हिरासत में लिया जाए। यह कदम चुनावी माहौल को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
साथ ही आयोग ने याद दिलाया कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू होने के बाद सभी सरकारी कर्मचारी चुनाव आयोग के अधीन काम करते हैं। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
निर्देशों के तहत उप-प्रभागीय पुलिस अधिकारी और उप-पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को अपराधियों की सूची तैयार करने और उनके खिलाफ विशेष अभियान चलाने को कहा गया है। इसमें छापेमारी, तलाशी अभियान और संवेदनशील इलाकों की पहचान शामिल है। साथ ही हिस्ट्रीशीटर और हिंसक प्रवृत्ति वाले अपराधियों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि सभी राजनीतिक दलों के प्रचार कार्यक्रमों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और चुनावी ड्यूटी में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा में कोई चूक न हो।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
यह सख्त रुख साफ संकेत देता है कि आयोग किसी भी कीमत पर चुनाव प्रक्रिया में बाधा या कानून-व्यवस्था की समस्या बर्दाश्त नहीं करेगा।











