राजस्थान के जैसलमेर जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तानी जासूस पहचान वाले पठान खान, पुत्र दीनू खान, को गिरफ्तार किया है। स्थानीय रहने वाले पठान खान पर भारत की संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान को संप्रेषित करने का संदेह है। आरोप है कि आरोपी लंबे समय से भारतीय खुफिया एजेंसियों की निगरानी में था और उसने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी सूचनाएँ पाकिस्तानी एजेंसियों को प्रदान की थीं।
गिरफ्तारी के पश्चात, सुरक्षा एजेंसियों ने पठान खान से गहन पूछताछ प्रारंभ कर दी है। जांच में यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी ने अपनी गतिविधियों में किन-किन व्यक्तियों के साथ संपर्क स्थापित किया और उसने कितनी महत्वपूर्ण जानकारी पाकिस्तान भेजी है। पठान खान के मोबाइल फोन की भी विस्तृत जांच की जा रही है ताकि उसके संचार के स्रोतों का पता चल सके।
सूत्रों के अनुसार, पठान खान के कई रिश्तेदार पाकिस्तान में निवास करते हैं और वह 2019 में पाकिस्तान भी जा चुका था। उस समय से भारतीय सुरक्षा एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही थीं, क्योंकि उसकी कार्यप्रणाली संदिग्ध प्रतीत हो रही थी। वर्तमान जांच में यह भी देखा जा रहा है कि पठान खान ने किस प्रकार के माध्यमों से जानकारी साझा की और क्या उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क कार्यरत है।
जांच के दौरान पता चला है कि पठान खान जैसलमेर के मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र के जीरो आरडी में खेती करता था। इस अवधि में उसने आर्मी क्षेत्र की वीडियो और फोटो पाकिस्तान भेजी थीं, जिससे देश की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था। सुरक्षा एजेंसियों ने पठान खान की गतिविधियों पर लंबे समय तक नजर रखने के बाद उसे रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई और अंततः उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की।
अभी पठान खान को सुरक्षा एजेंसियों की कस्टडी में रखा गया है और उससे लगातार जानकारी प्राप्त की जा रही है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेती हैं। यदि जांच में आरोप सत्यापित होते हैं, तो पठान खान के खिलाफ देशद्रोह तथा जासूसी अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।