भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत झोंकने का आह्वान किया है। तमिलनाडु दौरे के दौरान एक संगठनात्मक बैठक में उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने पर जोर दिया।
अमित शाह दो दिवसीय दौरे पर तमिलनाडु में हैं, जहां उनका फोकस भाजपा के जनसंपर्क अभियान को धार देना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से राज्य में सत्तारूढ़ डीएमके सरकार की विफलताओं को जनता के सामने रखने और चुनावी मैदान में एनडीए की जीत के लिए संगठित प्रयास करने को कहा। शाह ने डीएमके नेतृत्व पर भ्रष्टाचार के आरोपों को उजागर करने की जरूरत भी रेखांकित की।
अपने दौरे के दौरान अमित शाह ने राज्य की राजनीति में समीकरण मजबूत करने के लिए एआईएडीएमके नेताओं से भी चर्चा की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों का उद्देश्य मौजूदा सत्ता को चुनौती देने के लिए साझा रणनीति तैयार करना है।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर शासन, भ्रष्टाचार और वंशवाद की राजनीति को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में एनडीए ने बेहतर शासन के दम पर जनता का भरोसा जीता है। शाह ने बिहार, ओडिशा सहित अन्य राज्यों में हालिया चुनावी सफलताओं का हवाला देते हुए भरोसा जताया कि तमिलनाडु में भी एनडीए इसी मॉडल को दोहराएगा।
अमित शाह ने पार्टी के ‘नम्मा ऊरू मोदी पोंगल’ कार्यक्रम के तहत तिरुचिरापल्ली में पोंगल समारोह में भी भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय संस्कृति से जुड़ते हुए भाजपा के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने की बात कही।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि आक्रामक जनसंपर्क, विपक्ष की नाकामियों को उजागर करने और सहयोगी दलों के साथ बेहतर तालमेल के जरिए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति मजबूत की जा सकती है।










