दिल्ली विधानसभा में प्रस्तुत कैग रिपोर्ट ने आम आदमी पार्टी की शराब नीति में गंभीर अनियमितताएं उजागर कीं, जिससे दिल्ली सरकार को लगभग 2,002.68 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ।
रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष निम्नलिखित हैं:
राजस्व प्रबंधन में कमियां:
- गैर-अनुपालन क्षेत्रों में शराब दुकानों के न खोलने से 941.53 करोड़ रुपये का नुकसान
- त्यागे गए लाइसेंसों की पुनर्नीलामी न करने से 890 करोड़ रुपये की हानि
- आबकारी विभाग के विरोध के बावजूद 144 करोड़ रुपये की लाइसेंस फीस में छूट
लाइसेंसिंग प्रक्रिया में अनियमितताएं:
- लाइसेंसधारकों की वित्तीय और आपराधिक पृष्ठभूमि की उचित जांच न करना
- थोक विक्रेताओं के मार्जिन को 5% से बढ़ाकर 12% करना
- 849 शराब दुकानों के लिए केवल 22 निजी संस्थाओं को लाइसेंस
बाजार संरचना में समस्याएं:
- केवल तीन थोक विक्रेता 71% शराब आपूर्ति नियंत्रित करते
- प्रतिस्पर्धा को सीमित करके मोनोपॉली को बढ़ावा
- 54 स्टोर तक संचालन की अनुमति से व्यापार केंद्रीकृत
गुणवत्ता नियंत्रण में कमजोरियां:
- गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट के बिना शराब बिक्री
- हानिकारक तत्वों की अपर्याप्त जांच
- एफएसएसएआई मानकों का उल्लंघन
प्रवर्तन में कमियां:
- शराब तस्करी पर कमजोर कार्रवाई
- नीति उल्लंघन करने वालों पर दंड न लगाना
- पुरानी तकनीकों का उपयोग
रिपोर्ट से दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य आम आदमी पार्टी नेताओं की मुश्किलें बढ़ने की संभावना है।











