
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में प्रथम विश्व श्रव्य-दृश्य मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) 2025 का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय सिनेमा के पांच प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों – गुरु दत्त, पी. भानुमति, राज खोसला, ऋत्विक घटक और सलिल चौधरी पर स्मारक डाक टिकट जारी किया। भारत इस चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत को मीडिया, मनोरंजन और डिजिटल नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। “कनेक्टिंग क्रियेटर्स, कनेक्टिंग कंट्रीज” थीम पर आधारित यह सम्मेलन फिल्म, ओटीटी, गेमिंग, कॉमिक्स, डिजिटल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रसारण जैसे क्षेत्रों में भारत की क्षमता का प्रदर्शन करेगा।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने उल्लेख किया कि 100 से अधिक देशों के कलाकार, निवेशक और नीति निर्माता इस मंच पर एकत्रित हुए हैं, जिससे वैश्विक प्रतिभा और रचनात्मकता के एक पारिस्थितिकी तंत्र की नींव रखी जा रही है।
उन्होंने भारतीय सिनेमा के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया, “112 वर्ष पूर्व 3 मई, 1913 को भारत की प्रथम फीचर फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ दादासाहेब फाल्के के निर्देशन में प्रदर्शित हुई थी। पिछली एक शताब्दी में, भारतीय सिनेमा ने देश को विश्वभर में प्रतिष्ठित किया है।”
प्रधानमंत्री ने डाक टिकटों के माध्यम से भारतीय सिनेमा के महान व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि देने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने गेमिंग, संगीत, फिल्म निर्माताओं और अभिनेताओं के साथ अपने पिछले संवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन चर्चाओं में भारत की रचनात्मकता और वैश्विक सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया गया था। उन्होंने अपना विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सामूहिक प्रयास से वेव्स आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।









