ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के एकमात्र चालू परमाणु बिजली संयंत्र बुशहर के पास एक हवाई हमले की खबर ने दुनियाभर में चिंता की लहर दौड़ा दी है। इस हमले में संयंत्र का एक सुरक्षाकर्मी मलबे की चपेट में आकर मारा गया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा कि रेडिएशन स्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने कहा कि परमाणु संयंत्र पर हमला पीढ़ियों को तबाह करने वाली स्वास्थ्य आपदा को जन्म दे सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि बढ़ते संघर्ष के साथ यह खतरा हर दिन बढ़ता जा रहा है।
IAEA महानिदेशक रफेल ग्रॉसी ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे संयंत्रों के आसपास हमला नहीं होना चाहिए। उन्होंने परमाणु सुरक्षा के 7 स्तंभों — भौतिक अखंडता, उपकरण कार्यक्षमता, कर्मचारियों की सुरक्षा, बिजली आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स, विकिरण निगरानी और संचार — का पालन करने की अपील की।
बुशहर शहर में 2.5 लाख लोग रहते हैं और यह ईरान के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक और सैन्य केंद्रों में से एक है। पिछले कुछ हफ्तों में इस संयंत्र के आसपास यह चौथी ऐसी घटना है जो परमाणु सुरक्षा को लेकर वैश्विक समुदाय की चिंता को और गहरा कर रही है।











