मणिपुर में हिंसा मामले में सरकार से जुड़े सूत्रों ने जी मीडिया को बताया कि 3 मई के बाद से हुई हिंसा के मामले में मणिपुर पुलिस ने अब तक 6000 से ज्यादा FIR दर्ज कर चुकी है।
पुलिस के 2000 से ज्यादा सब इंस्पेक्टर जांच में लगाये गए हैं। हिंसा से जुड़ी जो FIR दर्ज की गई है उसमें 70 FIR हत्या से जुड़ी है। करीब 700 लोगो को अब तक हिंसा के मामले में हिरासत में लिया जा चुका है। मणिपुर पुलिस के टॉप सूत्रों के मुताबिक पुलिस पर कानून व्यवस्था को बनाये के रखने साथ जांच की दोहरी जिम्मेदारी है. ऐसे में 24 घंटे पुलिस के जवान और अधिकारी काम पर है।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने मणिपुर में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं को लेकर पिछले तीन महीनों में तीन बार अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उनसे कोई जवाब नहीं मिला। सूत्रों ने बताया कि पिछले तीन महीनों में एनसीडब्ल्यू को प्राप्त शिकायतें महिलाओं के खिलाफ अपराध और हिंसा से संबंधित थीं, जिनमें बलात्कार और महिलाओं के घरों को आग के हवाले करना भी शामिल है।
शर्मा ने मीडिया के एक वर्ग में आई उन खबरों से इनकार किया, जिनमें दावा किया गया है कि आयोग को जातीय हिंसा प्रभावित पूर्वोत्तर राज्य में चार मई को दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने की घटना के बारे में 12 जून को एक शिकायत मिली थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।