प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक समारोह में विरोधियों पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने महाकुंभ पर प्रश्न उठाने वालों को फटकारते हुए कहा कि अयोध्या के राम मंदिर से असंतोष जताने वाले अब महाकुंभ की भी आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने व्यक्त किया कि पशुओं का चारा हड़पने वालों से किसानों की भलाई की उम्मीद नहीं की जा सकती, जो कि राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव पर एक सीधा राजनीतिक हमला था।
पीएम मोदी ने बिहार के भागलपुर में पीएम किसान सम्मान समारोह के अवसर पर 19वीं किस्त की घोषणा की, जिससे 9.7 करोड़ से अधिक किसानों को 21,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त होगी। उन्होंने दोहराया कि एनडीए सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इसे विकसित भारत के चार स्तंभों में से एक बताया और केन्द्र व राज्य सरकार के नेतृत्व में किसानों के कल्याण में निरंतर प्रयास जारी रखने की बात कही।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के समय जब बाढ़, सूखा या ओला पड़ता था, तो किसानों की समस्याओं की अनदेखी की जाती थी। एनडीए सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं, जैसे कि पीएम फसल बीमा योजना, ने इस स्थिति को बदल दिया है।
मोदी ने उल्लेख किया कि आज किसानों को आसानी से खाद, सिंचाई की सुविधा व आधुनिक बीज उपलब्ध हैं, जिनसे उनकी समस्याएं काफी हद तक हल की गई हैं। प्रयागराज में “एकता का महाकुंभ” चल रहा है, जिसमें लाखों लोग भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा, “कुछ लोग धार्मिक धरोहरों से नफरत करते हैं, जबकि एनडीए इनका संरक्षण कर रही है।”
प्रधानमंत्री ने यह विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस और राजद की पिछली सरकारों के कुशासन ने बिहार को बदनाम किया, लेकिन अब एनडीए बिहार के लोगों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है।










