मौनी अमावस्या के अवसर पर महाकुंभ में संभावित बड़े हादसे को योगी सरकार की प्रभावी तैयारियों ने सीमित कर दिया। साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने सरकार की सराहना की। उनका कहना है कि अगर व्यवस्थाएं इतनी सुचारू न होतीं, तो यह घटना गंभीर रूप ले सकती थी। सीएम योगी आदित्यनाथ घटना की जानकारी मिलते ही सक्रिय हो गए। उन्होंने अधिकारियों से तुरंत अपडेट लिया और उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। इस बैठक में मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
महाकुंभ में हादसा एक अफवाह के कारण हुआ। श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशानंद ने बताया कि योगी सरकार और यूपी पुलिस के त्वरित कार्रवाई से जनहानि को रोका जा सका। भीड़ नियंत्रित करने की व्यवस्था चाक-चौबंद थी, जिसने घटना को सीमित रखा। प्रशासन और पुलिस की इस मुस्तैदी के लिए योगी सरकार को साधुवाद दिया गया।
इस बीच, नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने महाकुंभ में अमृत स्नान के दौरान उमड़ी भीड़ को संभालने के प्रशासनिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने श्रद्धालुओं को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इस आयोजन के लिए फुलप्रूफ प्लानिंग की थी। घटना का बड़ा कारण कुछ लोगों की असावधानी और झुंड में धक्का-मुक्की थी। गोपालगंज की कुमकुम श्रीवास्तव ने भारी भीड़ और स्थानीय जनजनित लापरवाही को हादसे का कारण बताया।
प्रशासन ने बार-बार स्नानस्थल पर ही स्नान करने की अपील की थी। विपक्ष की आलोचना को दिग्भ्रमित करने वाला बताया गया। योगी सरकार की कार्यशैली और अद्यतित प्रतिक्रिया से इस घटनाक्रम को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया गया।