भारतीय रेलवे लंबी दूरी की रेल यात्रा को नया आयाम देने जा रहा है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की टेस्टिंग, ट्रायल और सेफ्टी सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसकी पहली नियमित सेवा गुवाहाटी–कोलकाता रूट पर शुरू की जाएगी। इसकी पुष्टि भारतीय रेलवे के मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।
रेल मंत्री के अनुसार, पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अगले 15–20 दिनों में लॉन्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि चेयर कार वेरिएंट को देशभर में शानदार प्रतिक्रिया मिली, जिसके बाद लंबी दूरी की रात्री यात्रा के लिए स्लीपर वर्जन विकसित किया गया। यह वंदे भारत ट्रेनों के विकास का अगला चरण है।
लंबी दूरी के लिए खास डिजाइन
वंदे भारत स्लीपर को 1,000 किलोमीटर से अधिक की यात्राओं के लिए डिजाइन किया गया है। इसका उद्देश्य तेज, सुरक्षित और आरामदायक रातभर की यात्रा उपलब्ध कराना है। ट्रेन में अपग्रेडेड सस्पेंशन, आधुनिक स्लीपर कोच और उन्नत सुरक्षा प्रणालियां दी गई हैं, जिससे लंबे सफर में थकान कम होगी।
संभावित किराया
गुवाहाटी–हावड़ा रूट पर 3AC का किराया लगभग ₹2,300, 2AC का ₹3,000 और फर्स्ट AC का करीब ₹3,600 प्रस्तावित है। मंत्री ने बताया कि इसी रूट पर हवाई किराया अक्सर ₹6,000 से ₹10,000 तक पहुंच जाता है, ऐसे में यह ट्रेन यात्रियों के लिए किफायती विकल्प बनेगी। रेलवे की योजना है कि इस साल के अंत तक करीब 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें नेटवर्क में शामिल की जाएं और अगले साल इसका तेजी से विस्तार हो।
सफल हाई-स्पीड ट्रायल
इस ट्रेन ने कोटा–नागदा सेक्शन पर कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी की निगरानी में अंतिम हाई-स्पीड ट्रायल पूरा किया, जिसमें 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की गई। ब्रेकिंग, राइड स्टेबिलिटी, वाइब्रेशन, सेफ्टी सिस्टम और इमरजेंसी रिस्पॉन्स जैसे सभी पैरामीटर संतोषजनक पाए गए।
16 कोच वाले इस स्लीपर रैक में आरामदायक बर्थ, ऑटोमैटिक दरवाजे, आधुनिक शौचालय, CCTV निगरानी, फायर डिटेक्शन सिस्टम, डिजिटल डिस्प्ले और ऊर्जा-सक्षम तकनीक शामिल है। सुरक्षा के लिए कवच सिस्टम, क्रैशप्रूफ कपलर और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं भी दी गई हैं।











