वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क के मैनहट्टन स्थित संघीय न्यायालय में पेश किया गया। इस दौरान उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस भी उनके साथ मौजूद रहीं। मादुरो पर मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े आतंकवाद सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
दोनों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ब्रुकलिन की एक जेल से मैनहट्टन की अदालत लाया गया। इससे पहले, शनिवार को अमेरिकी सेना ने एक सैन्य अभियान के तहत मादुरो और उनकी पत्नी को उनके आवास से हिरासत में लिया था। उसी दिन अमेरिकी जांच एजेंसियों ने 25 पन्नों का अभियोग सार्वजनिक किया, जिसमें मादुरो और उनके सहयोगियों पर अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ गिरोहों के साथ मिलकर हजारों टन कोकीन अमेरिका पहुंचाने की साजिश का आरोप लगाया गया है।
अभियोग के अनुसार, यह कथित नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और इसका उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी के जरिए अवैध कमाई करना बताया गया है। दस्तावेजों में यह भी दावा किया गया है कि सिलिया फ्लोरेस ने वर्ष 2007 में एक प्रमुख ड्रग तस्कर और वेनेजुएला के राष्ट्रीय मादक पदार्थ विरोधी कार्यालय के तत्कालीन निदेशक के बीच बैठक कराने के लिए लाखों डॉलर की रिश्वत ली थी।
अमेरिकी अभियोजकों का कहना है कि ये आरोप सिर्फ आपराधिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़े हुए हैं। इसी कारण मामले को “नार्को-टेररिज़्म” के दायरे में रखा गया है।
मैनहट्टन की संघीय अदालत में शुरुआती सुनवाई के दौरान आरोपों को पढ़कर सुनाया गया, जबकि बचाव पक्ष की ओर से फिलहाल विस्तृत दलीलें पेश नहीं की गईं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए सुरक्षा कारणों का हवाला दिया।
यह मामला अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीति के लिहाज़ से भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार किसी मौजूदा राष्ट्रपति को इस तरह के आरोपों में अमेरिकी संघीय अदालत में पेश किया गया है।










