तेलंगाना के नागरकुर्नूल जिले में श्रीसैलम के पास एसएलबीसी सुरंग के ढहने की घटना के बाद भारतीय सेना ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए अपनी इंजीनियरिंग टास्क फोर्स (ईटीएफ) को घटनास्थल पर रवाना कर दिया। सेना की टीम ने मानवतावादी सहायता और आपदा राहत कार्यों के तहत विस्तृत बचाव अभियान शुरू किया है। ये टीम आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञता से सुसज्जित है, जो इस प्रकार के जटिल और आघातमूलक मिशनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
अन्य आवश्यक विशेषज्ञ समूहों के साथ एक चिकित्सा दल और एम्बुलेंस भी मौके पर तैनात किए गए हैं, जो प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित कर रहे हैं। वर्तमान घटनाक्रम में सेना ने सुरंग में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए सक्रिय पहल की है। दुर्घटना के समय कई मजदूर सुरंग के अंदर काम कर रहे थे और उनमें से आठ के फंसे होने की आशंका है। सुरंग का निर्माण हाल ही में पुनः आरंभ हुआ था और मजदूर सम्भावित पानी के रिसाव की मरम्मत कर रहे थे।
राज्य के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने तत्काल अधिकारियों को सुरंग के ढहने और मजदूरों के फंसे होने की सूचना दी। जिला कलेक्टर, एसपी तथा अन्य विभागों के अधिकारियों को जल्द से जल्द मौके पर राहत उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस विषय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री से फोन पर बातचीत करते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। उन्होंने बचाव प्रयासों की समीक्षा करते हुए केंद्र सरकार की ओर से समर्थन और सहायता प्रदान करने की बात कही।
उल्लेखनीय है कि यह घटना श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल टनल (एसएलबीसी) के निर्माणधीन खंड पर अमराबाद में घटित हुई है, जिसके चलते फिलहाल राहत और बचाव कार्य तीव्रता से जारी है।