होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और वैश्विक समुद्री व्यापार को सुरक्षित बनाने के लिए ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई जिसमें भारत भी शामिल हुआ। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि यूके के निमंत्रण पर भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस ऑनलाइन बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
बैठक में ब्रिटिश विदेश मंत्री कूपर ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की कड़ी आलोचना की और इसे ‘वैश्विक आर्थिक सुरक्षा पर सीधा हमला’ बताया। उन्होंने कहा कि ईरान की कार्रवाइयों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को गंभीर खतरे में डाल दिया है।
कूपर के अनुसार इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में अब तक 25 से अधिक जहाजों पर हमले हो चुके हैं। करीब 2,000 जहाजों पर सवार लगभग 20,000 नाविक फंसे हुए हैं। इससे एशिया के लिए LNG, अफ्रीका के लिए उर्वरक और पूरी दुनिया के लिए जेट फ्यूल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
भारत होर्मुज स्ट्रेट से अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ईरान और अन्य देशों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत और ईरान के बीच पारगमन के लिए कोई शुल्क देने की बातचीत नहीं हुई है।











