मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने की घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज होने के बीच इस मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को 11 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। संसद के मानसून सत्र में लगातार दूसरे दिन भी मणिपुर हिंसा की प्रतिध्वनि सुनाई दी और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान और चर्चा कराने की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा में कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका।
लोगों की हथियारबंद भीड़ ने कांगपोकपी जिले के एक गांव पर हमला किया और मकानों में लूटपाट की, उनमें आग लगायी, हत्या की तथा दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया। इन महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने का वीडियो सामने आने के बाद पूरा देश आक्रोशित है और घटना के विरोध में जगह जगह प्रदर्शन किए जा रहे है।
इस मामले में 21 जून को एक प्राथमिकी दर्ज की गयी थी जिसकी एक प्रति देखी। इसमें आदिवासी महिलाओं के अपहरण और उनसे शर्मनाक बर्ताव से पहले हुए जुल्म की दास्तां का उल्लेख है। विपक्षी दलों ने मणिपुर मुद्दे पर केंद्र पर अपना हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस ने मांग की कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राज्य सरकार को बर्खास्त करने के लिए अपनी शक्तियों का प्रयोग करें।