ईरान में दो हफ्ते से ज्यादा समय से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। जनता सुप्रीम लीडर खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि देश में 84 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बावजूद इंटरनेट सेवाएं बंद हैं और कई इलाकों में लोग फोन के जरिए भी संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
इसी बीच अमेरिकी मीडिया और राइट्स ग्रुप्स की रिपोर्ट ने मामले को और गंभीर बना दिया है। दावा किया गया है कि इन प्रदर्शनों में अब तक 544 लोगों की मौत हो चुकी है। पहले की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या करीब 115 बताई जा रही थी और गिरफ्तारियां लगभग 2,000 के आसपास कही जा रही थीं, लेकिन अब यह आंकड़े कई गुना बढ़े हुए बताए जा रहे हैं।
ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स संगठन की न्यूज सर्विस Human Rights Activists News Agency (HRANA) के अनुसार, पिछले 15 दिनों में प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 544 लोगों की जान गई है, जिनमें 8 बच्चे भी शामिल हैं। एजेंसी का यह भी कहना है कि गिरफ्तारी के बाद अब तक 10,681 से ज्यादा लोगों को जेल भेजा गया है।
इस बीच एक वीडियो भी सामने आने की चर्चा है, जिसमें प्रदर्शनकारियों को बच्चों को निशाना बनाते हुए विस्फोटक फेंकते दिखाया गया। हालांकि बताया गया कि वीडियो में दिख रहे बच्चे बाल-बाल बच गए।
दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने बातचीत के लिए हामी भरी है। ट्रंप के मुताबिक अमेरिका संभावित सैन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है, जिसके दबाव में ईरान संवाद के लिए तैयार हुआ है। इससे पहले ईरानी संसद स्पीकर ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ने दखल दिया, तो ईरान अमेरिकी सैन्य और कमर्शियल ठिकानों को जवाबी कार्रवाई में निशाना बना सकता है।
इसी दौरान खामेनेई का एक वीडियो भी चर्चा में है, जिसमें वे कहते नजर आते हैं कि विरोधियों की कोशिशों के बावजूद ईरान “मजबूत और ताकतवर” है और पिछले 40 वर्षों में किसी दबाव के आगे नहीं झुका।
कुल मिलाकर, ईरान में हालात तेजी से बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं—जहां एक ओर जनता का गुस्सा सड़कों पर है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और हस्तक्षेप की आशंका भी बढ़ती जा रही है।










