शिवराज सिंह चौहान का बयान: आत्मनिर्भर भारत की रफ्तार तेज, कृषि सुधार और किसानों के हित में बड़े कदम

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना के साथ न केवल अपना विकास कर रहा है, बल्कि वैश्विक कल्याण के लिए भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में चौहान ने बताया कि सरकार की नीतियों का केंद्र बिंदु सामाजिक कल्याण है। उन्होंने कहा कि भारत यह लगातार विचार कर रहा है कि विश्व समुदाय के हित में वह किस प्रकार योगदान दे सकता है।

कृषि क्षेत्र में मजबूती

कृषि प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अब चावल उत्पादन में विश्व में अग्रणी है। यह उपलब्धि तेज गति से हुए कृषि विकास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि “विकसित कृषि संकल्प अभियान” के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए हैं, जिन पर कृषि मंत्रालय तेजी से काम कर रहा है।

घटिया कीटनाशकों पर सख्ती

मंत्री ने कहा कि किसानों से घटिया कीटनाशकों को लेकर शिकायतें मिल रही थीं, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा था। इसे देखते हुए पेस्टिसाइड एक्टऔर सीड एक्ट में सुधार की दिशा में काम चल रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण इनपुट मिले और उनकी उपज पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।

मनरेगा में बदलाव

मनरेगा योजना को लेकर उन्होंने कहा कि पहले 100 दिनों का रोजगार मिलता था, जिसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे किसानों और ग्रामीण मजदूरों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

गरीबी मुक्त गांवों की दिशा में पहल

चौहान ने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से “गरीबी मुक्त गांव” का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। उनके अनुसार, कृषि सुधार, ग्राम विकास और रोजगार योजनाओं के तालमेल से ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास को गति मिलेगी और किसानों व मजदूरों दोनों को लाभ पहुंचेगा।

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