नई दिल्ली: भारत अब ग्लोबल हेल्थकेयर हब बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। विदेशी नागरिकों के लिए भारत में इलाज कराना अब पहले से कहीं अधिक सरल और सुलभ होगा। केंद्र सरकार ने विशेष रूप से चिकित्सा उद्देश्यों के लिए आने वाले यात्रियों के लिए ‘ई-मेडिकल वीज़ा’ और उनके सहायकों के लिए ‘ई-मेडिकल अटेंडेंट वीज़ा’ की सुविधा को और भी सुदृढ़ कर दिया है।
केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के दौरान इस बात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य चिकित्सा पर्यटन (Medical Tourism) को बढ़ावा देना और विदेशी मरीजों की यात्रा प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को दूर करना है।
विदेशी मरीजों की सुविधा के लिए वाणिज्य मंत्रालय ने एक विशेष पोर्टल (www.indiahealthcaretourism.com) जारी किया है।
-
क्या मिलेगा यहाँ? इस पोर्टल पर मान्यता प्राप्त अस्पतालों, वेलनेस सेंटरों और वीज़ा संबंधी सभी आधिकारिक जानकारियां एक ही जगह उपलब्ध हैं।
-
सटीक जानकारी: पर्यटन मंत्रालय ने भी अपनी वेबसाइट्स पर इस पोर्टल का लिंक साझा किया है ताकि पर्यटकों को भटकना न पड़े।
सरकार केवल कागजी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर भी सुविधाओं को बेहतर बना रही है। ‘स्वदेश दर्शन’ और ‘प्रसाद’ जैसी योजनाओं के जरिए केंद्र सरकार राज्यों को वित्तीय सहायता दे रही है। इसका मुख्य उद्देश्य अस्पतालों के आसपास बेहतर बुनियादी ढांचा और पर्यटन सुविधाएं विकसित करना है।
-
त्वरित वीज़ा: ई-मेडिकल वीज़ा से अब हफ़्तों का काम दिनों में होगा।
-
अटेंडेंट सपोर्ट: मरीज के साथ आने वाले व्यक्ति के लिए अलग वीज़ा श्रेणी।
-
पारदर्शिता: आधिकारिक पोर्टल के जरिए बिचौलियों से मुक्ति।











