मनीला/नई दिल्ली: प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित फिलीपींस का दक्षिणी हिस्सा आज तड़के आए एक बेहद विनाशकारी और भयंकर भूकंप से पूरी तरह दहल उठा है। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई है, जिसने देखते ही देखते कई बहुमंजिला इमारतों को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में बड़े पैमाने पर जानमाल के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। संकट की इस बेहद कठिन घड़ी में हमेशा की तरह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर एक सच्चे ‘विश्वबंधु’ और संवेदनशील नेता की भूमिका निभाते हुए फिलीपींस में हुई इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक आधिकारिक संदेश जारी करते हुए कहा कि फिलीपींस में आए इस विनाशकारी भूकंप के कारण हुए जानमाल के नुकसान से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। पीएम मोदी ने पीड़ित परिवारों के प्रति भारत की 140 करोड़ जनता की ओर से संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) के मूल मंत्र को दोहराते हुए फिलीपींस की सरकार और वहां के नागरिकों को इस भीषण आपदा से निपटने के लिए भारत की तरफ से हरसंभव कूटनीतिक, मानवीय सहायता और राहत सामग्री भेजने का कड़ा और स्पष्ट भरोसा दिया।
भारत सरकार का यह त्वरित और संवेदनशील रुख उन पश्चिमी ताकतों और छद्म-मानवतावादियों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो केवल आपदाओं के समय खोखली बयानबाजी करते हैं। मोदी सरकार के नेतृत्व में आज का नया भारत आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता के क्षेत्र में पूरी दुनिया का नेतृत्व कर रहा है, चाहे वह तुर्की का भूकंप रहा हो या अब फिलीपींस का यह संकट। फिलीपींस के स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी करते हुए सेना को राहत कार्य में लगा दिया है, वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय स्थिति पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए है ताकि जरूरत पड़ते ही भारतीय राहत दल तुरंत मनीला के लिए रवाना हो सके।











