प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वैश्विक महामारी, अंतरराष्ट्रीय तनाव, युद्ध और सप्लाई चेन जैसी बड़ी चुनौतियों के बावजूद यह दशक भारत के लिए अभूतपूर्व विकास, प्रभावी निष्पादन और लोकतंत्र को मजबूत करने वाला रहा है। नई दिल्ली में आयोजित ET Now Global Business Summit को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बीते दस वर्षों में भारत ने मुश्किल हालात में भी नई ऊंचाइयों को छुआ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के इस दशक में भारत ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार है। एक दशक पहले भारत दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था और आज तेजी से आगे बढ़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार ने बजट को केवल व्यय-केंद्रित नहीं, बल्कि परिणाम-केंद्रित बनाया है।
पीएम मोदी ने बजट से इतर किए गए बड़े सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि नई जीएसटी दरें, योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग, अनुच्छेद 370 का निरस्तीकरण, तीन तलाक के खिलाफ कानून और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे कदमों ने देश को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष में बंदरगाह व समुद्री क्षेत्र सुधार, जहाज निर्माण को बढ़ावा, जन विश्वास अधिनियम, ऊर्जा सुरक्षा, श्रम कानून सुधार, भारतीय न्याय संहिता, वक्फ अधिनियम संशोधन और ग्रामीण रोजगार बढ़ाने वाले नए विधेयक जैसे फैसले लिए गए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में प्रौद्योगिकी और नवाचार को विकास का आधार बनाया गया। आज भारत आत्मविश्वास के साथ दुनिया के साथ व्यापार समझौते कर रहा है और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है।
उन्होंने भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI को वैश्विक प्रभाव वाला सुधार बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि नीति, प्रक्रिया और क्रियान्वयन के तालमेल का उदाहरण है। डिजिटल इंडिया और जनधन-आधार-मोबाइल (JAM) मॉडल मजबूरी नहीं, बल्कि समावेशी विकास के संकल्प से निकले हैं।
अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया को बदलती परिस्थितियों के साथ जीने के लिए तैयार रहना होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आने वाले बदलाव और भी क्रांतिकारी होंगे—और भारत इसके लिए पूरी तरह तैयार है।











