LPG सप्लाई पर सरकार सख्त: 350+ नोटिस, 3000 छापे और 1500 सिलेंडर जब्त

मध्य पूर्व संकट के बीच ईंधन आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। देशभर में एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ अभियान चलाते हुए 350 से अधिक शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 3,000 से ज्यादा छापेमारी में 1,500 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने भी 1,500 से ज्यादा रिटेल आउटलेट्स और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स पर अचानक निरीक्षण किए हैं। यह कार्रवाई पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए हुई अंतर-मंत्रालयी समीक्षा के बाद तेज की गई है।

सरकार ने साफ किया है कि घरेलू एलपीजी और पीएनजी की सप्लाई सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी सेक्टरों को प्राथमिक आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है। सप्लाई बनाए रखने के लिए रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाया गया है और वितरण प्रणाली को प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थित किया गया है।

घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए एलपीजी उत्पादन में करीब 40% तक बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने राज्यों को नए पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की भी सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि घबराहट में खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा रखें।

साथ ही, सरकार ने ईंधन की कीमतों पर राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर घटाई है। दूसरी ओर, घरेलू उपलब्धता बनाए रखने के लिए डीजल और एटीएफ के निर्यात पर शुल्क बढ़ाया गया है।

सरकार ने रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि निर्यात के बजाय घरेलू बाजार को प्राथमिकता दें—पेट्रोल का 50% और डीजल का 30% देश के भीतर उपलब्ध कराया जाए। अधिकारियों का कहना है कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, इसलिए सप्लाई में कमी की आशंका नहीं है।

कुल मिलाकर, सरकार का फोकस साफ है—घरेलू जरूरत पहले, जमाखोरी और गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई, और बाजार में स्थिरता बनाए रखना।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here