पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की आग का धुआं अब भारत के आसमान तक पहुंच गया है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापू राममोहन नायडू ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि मध्य पूर्व संकट के कारण भारतीय एयरलाइंस ने 4,335 से अधिक उड़ानें रद्द की हैं जबकि विदेशी एयरलाइंस ने करीब 1,187 उड़ानें रद्द की हैं। यानी कुल मिलाकर 5,500 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
मंत्री ने साफ कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और जब तक संघर्ष प्रभावित इलाकों का एयरस्पेस बंद है, वहां उड़ानें चलाने का सवाल ही नहीं उठता। डीजीसीए और नागर विमानन मंत्रालय प्रभावित देशों के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और जैसे ही एयरस्पेस खुलेगा, उड़ानें बहाल की जाएंगी।
हालांकि इन मुश्किल हालातों के बावजूद एक उत्साहजनक तथ्य यह है कि संकट के दौरान भी करीब 2,19,780 यात्रियों ने हवाई सफर किया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारतीय यात्री जरूरी सफर के लिए किसी भी परिस्थिति में पीछे नहीं हटते।
इस बीच नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में बताया कि भारतीय एयरलाइंस में इस समय 11,394 पायलट काम कर रहे हैं जिनमें 1,871 महिला पायलट भी शामिल हैं — जो भारतीय विमानन क्षेत्र की एक गौरवशाली उपलब्धि है।










