प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सस्टेनिंग एंड स्ट्रेंथनिंग इकोनॉमिक ग्रोथ’ विषय पर आयोजित बजट पश्चात वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था के दम पर विश्व के लिए आशा की किरण बनकर उभर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तीव्र आर्थिक विकास ही विकसित भारत के लक्ष्य का सबसे ठोस आधार है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि बजट वेबिनार सीरीज के पहले सत्र को सकारात्मक और रचनात्मक प्रतिक्रिया मिली। विभिन्न क्षेत्रों से आए विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर ठोस सुझाव दिए। दूसरे सत्र में भी हजारों लोग जुड़े, जिसे उन्होंने नीति निर्माण और भागीदारी आधारित शासन का सफल प्रयोग बताया।
पीएम मोदी ने कहा कि आज जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं पुनर्गठित हो रही हैं और देश नए भरोसेमंद साझेदार तलाश रहे हैं, तब भारत के सामने बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि मजबूत आर्थिक आधार के कारण भारत वैश्विक उम्मीद का केंद्र बन रहा है और यह समय विकास की गति को और तेज करने का है।
प्रधानमंत्री ने देश की आर्थिक दिशा को स्पष्ट करते हुए कहा—अधिक निर्माण करें, अधिक उत्पादन करें, बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करें और निर्यात बढ़ाएं। उन्होंने जोर दिया कि भारत को अपनी विनिर्माण और निर्यात क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जाना होगा। दुनिया विश्वसनीय और लचीले उत्पादन केंद्रों की तलाश में है और भारत इस भूमिका के लिए तैयार है।
पीएम मोदी ने कहा कि आगे बढ़ने का मंत्र है—“गुणवत्ता, गुणवत्ता और गुणवत्ता।” उन्होंने याद दिलाया कि भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जिससे वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान हुई है। ऐसे में उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए, ताकि भारत विश्वसनीय वैश्विक ब्रांड के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर सके।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट रहा—मजबूत नीतियां, उच्च गुणवत्ता और निरंतर सुधार ही भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होंगे।











