जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज दो दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचे हैं। दौरे के पहले दिन उन्होंने गुजरात के अहमदाबाद में कई कार्यक्रमों में भाग लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरान भारत और जर्मनी के बीच सेमीकंडक्टर, एआई, रक्षा, ऊर्जा और निवेश समेत कुल 27 अहम क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों ने द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए संयुक्त इरादे की घोषणा की है। आर्थिक मोर्चे पर भी बड़ा फैसला लेते हुए सीईओ फोरम बनाने और आर्थिक सहयोग को एकीकृत रूप देने के लिए भारत-जर्मनी आर्थिक और निवेश समिति के तहत काम करने पर सहमति हुई।
टेक्नोलॉजी सेक्टर में भारत-जर्मनी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पार्टनरशिप पर संयुक्त घोषणा की गई। साथ ही महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) और दूरसंचार के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने की रूपरेखा तय हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में NIELIT और Infineon Technologies AGके बीच समझौता हुआ।
ऊर्जा और जलवायु क्षेत्र में ग्रीन एजेंडा प्रमुख रहा। AM Green (भारत) और Uniper Global Commodities (जर्मनी) के बीच ग्रीन अमोनियाके लिए ऑफटेक समझौता हुआ। इसके अलावा, ग्रीन एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट पार्टनरशिप (GSDP) के तहत 1.24 बिलियन यूरो की नई फंडिंग कमिटमेंट भी सामने आई, जो रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-बस सेवा और क्लाइमेट-रेजिलिएंट शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट करेगी।
स्वास्थ्य व शिक्षा में AIIMS और जर्मनी के Charité विश्वविद्यालय के बीच एमओयू हुआ। स्किलिंग के लिए हैदराबाद में रिन्यूएबल एनर्जी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने पर संयुक्त इरादे की घोषणा हुई, साथ ही हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की निष्पक्ष और टिकाऊ भर्ती के लिए Global Skill Partnership पर भी सहमति बनी।
कूटनीतिक स्तर पर ट्रैक 1.5 विदेश नीति व सुरक्षा वार्ता, इंडो-पैसिफिक डायलॉग सिस्टम, और डिजिटल वार्ता कार्ययोजना (2025-2027) को अपनाया गया। अहम फैसले के तौर पर भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए जर्मनी से होकर वीजा-फ्री ट्रांजिट की घोषणा भी की गई। इसके साथ ही अहमदाबाद में जर्मनी के मानद काउंसल का उद्घाटन हुआ।










