मकर संक्रांति के पावन अवसर पर उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा स्नान का उत्साह दूसरे दिन भी चरम पर रहा। तड़के से ही हर की पौड़ी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद लोगों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। श्रद्धालु पारंपरिक परिधान में घाटों पर पहुंचे और पतित-पावन गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ में जुटे रहे। स्नान घाट पर “हर-हर गंगे” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। हर की पौड़ी और आसपास के घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बलतैनात किया गया। भीड़ को नियंत्रित करने और स्नान व्यवस्था सुचारू रखने के लिए बैरिकेडिंग की गई, जबकि यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित रखा गया ताकि श्रद्धालुओं को घाट तक पहुंचने में परेशानी न हो। प्रशासन का प्रयास रहा कि स्नान के दौरान कोई अव्यवस्था या दुर्घटना न हो।
दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में भी मकर संक्रांति का माहौल पूरे रंग में नजर आया। श्रद्धालु बड़ी संख्या में गंगासागर पहुंचकर पवित्र स्नान कर रहे हैं। स्नान के साथ-साथ पूजा-पाठ, दान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी जारी हैं। बिहार के पटना जिले के मनेर ब्लॉक से आए श्रद्धालु कन्हैया ने बताया कि मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर गंगा स्नान करना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों और पूर्वजों की मान्यता रही है कि जीवन में एक बार तीर्थ यात्रा अवश्य करनी चाहिए, और इसलिए वे यहां आकर बेहद प्रसन्न हैं।
हरिद्वार में स्नान के लिए पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने घाट की व्यवस्था और सजावट की तारीफ की। पहली बार हरिद्वार आए राजकुमार ठाकुर ने कहा कि घाटों का माहौल बहुत अच्छा है और स्नान के बाद मन शांत और हल्का महसूस हो रहा है। कई भक्त स्नान के बाद घाट किनारे बैठकर गंगा आरती, भजन-संकीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों में परिवार व मित्रों के साथ शामिल हुए।
कुल मिलाकर मकर संक्रांति पर हरिद्वार से लेकर गंगासागर तक श्रद्धा का विशाल सैलाब उमड़ा है, और प्रशासन की सतर्क व्यवस्था के बीच यह पर्व भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है।










