राज्यसभा ने वक्फ (संशोधन) विधेयक को स्वीकृति प्रदान की, जिसे पहले लोकसभा द्वारा मंजूर किया जा चुका था। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विधेयक के पारित होने को देश की सामाजिक-आर्थिक न्याय, पारदर्शिता और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बदलाव उन तबकों के लिए विशेष लाभकारी होगा जो लंबे समय से समाज के हाशिए पर हैं। इसके साथ ही उन्होंने सभी सदस्यों और संसदीय समितियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस विधेयक पर सारगर्भित चर्चा में भाग लिया।
इस विधेयक के पारित होने से वक्फ प्रणाली में व्याप्त पारदर्शिता की कमी और जवाबदेही की कमी को दूर करने की दिशा में मजबूत कदम उठाया जा सकेगा, जिससे मुस्लिम महिलाओं, गरीब मुसलमानों और पसमांदा मुसलमानों विशेषकर लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि नवपारित विधेयक नागरिकों के अधिकार संरक्षण और पारदर्शिता बढ़ाने में सहायक होंगे।
उन्होंने आगे बताया कि भारत अब एक नए युग में प्रवेश कर रहा है जहां ढांचागत सुधारों को अधिक आधुनिक और सामाजिक न्याय के अनुरूप लाया जायेगा। इस विधेयक को राज्यसभा में 128 समर्थन और 95 विरोधी मतों के साथ पास किया गया, जिससे इसे संसदीय स्वीकृति प्राप्त हुई। इस विधान का उद्देश्य वक्फ अधिनियम में संशोधन कर वक्फ बोर्ड के ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव लाना और कानूनी विवादों को कम करना है।