युद्ध जब लंबा खिंचता है तो सबसे पहले उसकी कीमत पर सवाल उठने लगते हैं — और अमेरिका में ठीक यही हो रहा है। ईरान से जारी संघर्ष की बढ़ती लागत ने अमेरिकी कांग्रेस में एक अजीब तस्वीर पेश की है जहां दोनों दलों के सांसद व्हाइट हाउस के 200 अरब डॉलर से अधिक के युद्ध वित्त पोषण अनुरोध पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं।
सीएनएन के मुताबिक व्हाइट हाउस इस युद्ध के लिए भारी नई फंडिंग मांगने की तैयारी में है। कुछ सांसदों का कहना है कि प्रशासन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया कि यह पैसा कैसे खर्च होगा और अमेरिकी सैन्य संलग्नता कितने समय तक चलेगी। प्रतिनिधि थॉमस मैसी ने सवाल उठाया, ‘क्या यह पहला $200 अरब है? क्या यह एक ट्रिलियन में बदल जाएगा?’
जमीन पर हालात और तनावपूर्ण हैं। अमेरिकी और सहयोगी बलों ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास अपने अभियान बढ़ा दिए हैं। A-10 वारथॉग लड़ाकू विमान और अपाचे हेलीकॉप्टर दक्षिणी मोर्चे पर तैनात हैं। इन हमलों के चलते तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ा है।
ऊर्जा विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगर यह संघर्ष जारी रहा तो आर्थिक नुकसान और गहरा होगा। सीनेट मेजरिटी लीडर जॉन थ्यून ने भी कहा है कि यह अनुरोध पास होगा या नहीं, यह देखना बाकी है। इस संघर्ष ने यह बहस भी शुरू कर दी है कि क्या ईरानी तेल पर प्रतिबंधों को ढील देने से वैश्विक कीमतों को स्थिर किया जा सकता है।










