अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ईरान ने अमेरिका के दो लड़ाकू विमान A-10 और F-15E को मार गिराया था जिसमें एक पायलट लापता हो गया था। कई घंटों के जटिल ऑपरेशन के बाद उस पायलट को सफलतापूर्वक बचा लिया गया। राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर इसकी पुष्टि की।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप को इस सफल ऑपरेशन के लिए बधाई दी और बताया कि इजरायल ने इस मिशन में अमेरिका का साथ दिया। उन्होंने लिखा, ‘मुझे गर्व है कि इजरायल एक बहादुर अमेरिकी योद्धा को बचाने में मदद कर सका।’ ट्रंप ने भी इजरायल की मदद की सराहना की।
हालांकि ईरान ने इस ऑपरेशन को लेकर सवाल खड़े किए। फिनलैंड में ईरानी दूतावास ने कहा कि यह ‘बहादुरी भरा बचाव था या नाकामी को छिपाने की कोशिश।’ दूतावास ने यह भी कहा कि दुनिया की सबसे पेशेवर सेना का यह मिशन आखिरकार केवल एक ही क्रू मेंबर को बचाने तक सीमित रहा।
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर है। अमेरिकी विमानों का मार गिराया जाना एक बड़ा झटका था, लेकिन पायलट की सुरक्षित वापसी ने अमेरिकी सैन्य मनोबल को बल दिया है। दूसरे क्रू मेंबर की तलाश के लिए ऑपरेशन जारी है।











