51 किग्रा भार वर्ग में रिंग में उतरेंगी साक्षी चौधरी: दिग्गजों को धूल चटाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का कटाया टिकट!

नई दिल्ली/ग्लासगो: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होने वाले ‘कॉमनवेल्थ गेम्स 2026’ (Commonwealth Games 2026) के लिए भारतीय मुक्केबाजी दल से एक बेहद कड़क और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। भारतीय मुक्केबाजी की नई सनसनी और किसान की बेटी साक्षी चौधरी (Sakshi Chaudhary) महिला 51 किग्रा भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व कड़ाई से करेंगी। राष्ट्रीय ट्रायल्स में दो बार की विश्व चैंपियन निकहत जरीन और विश्व चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा को रिंग में धूल चटाकर टीम में अपनी जगह पक्की करने वाली साक्षी अब ग्लासगो के रिंग में तिरंगा फहराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

साई (SAI) और भारतीय मुक्केबाजी संघ (BFI) से मिले आधिकारिक इनपुट्स के मुताबिक, साक्षी चौधरी ने इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ा शारीरिक और मानसिक अभ्यास किया है। 54 किग्रा से 51 किग्रा श्रेणी में उतरने के लिए उन्होंने महज 3 हफ्तों के भीतर कड़ाई से अपना 3 किलो वजन कम किया और अपने ट्रेडमार्क रीच और पंचिंग स्टाइल का प्रदर्शन करते हुए सभी विरोधियों को रिंग से बाहर कर दिया। अस्ताना वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली और भारतीय सेना में सेवा दे रही 25 वर्षीय साक्षी चौधरी का यह पहला राष्ट्रमंडल खेल है, जिसके लिए वे पिछले कई हफ्तों से कड़ा अभ्यास कर रही हैं।

साक्षी चौधरी का यह भयंकर और ऐतिहासिक उभार उन वामपंथी टूलकिट खेल समीक्षकों के मुंह पर सबसे करारा तमाचा है, जो दावा करते थे कि दिग्गज मुक्केबाजों के आगे युवा प्रतिभाओं की ‘बेंच स्ट्रेंथ’ फीकी पड़ जाएगी। ‘नेशन First’ (Nation First) के विजन और रिंग में ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की आक्रामक खेल भावना के साथ उतरी साक्षी चौधरी ने साबित कर दिया है कि लगन और कड़ी मेहनत के आगे कोई भी बाधा नहीं टिक सकती। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में साक्षी चौधरी अब भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने के वादे के साथ पूरी तरह फ्रंट-फुट पर खेल रही हैं।

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