कोलकाता: केंद्र की मोदी सरकार ने पश्चिम बंगाल की जनता को विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का तोहफा देने के लिए रेलवे के कायाकल्प की एक महा-योजना तैयार की है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बंगाल के रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी chimneys (झंडी) दे दी है। रेल मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार बंगाल के रेलवे अवसंरचना (Infrastructure) के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य में बहुत जल्द रेल कनेक्टिविटी के एक नए और स्वर्णिम युग की शुरुआत होने जा रही है।
इस योजना के तहत बंगाल के सियालदह, हावड़ा, न्यू जलपाईगुड़ी और मालदा टाउन सहित 50 से अधिक छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत चमकाया जाएगा। इसके अलावा, रेल नेटवर्क के 100% बिजलीकरण, सुरक्षा के लिए ‘कवच’ (Anticollision System) तकनीक के विस्तार और पैसेंजर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए नई पटरियां बिछाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया जा चुका है। केंद्र सरकार बंगाल में वंदे भारत और नमो भारत ट्रेनों का जाल बिछाने जा रही है, जिससे राज्य में व्यापार और पर्यटन को एक नई रफ्तार मिलेगी।
यह ऐतिहासिक कदम पश्चिम बंगाल की उस भ्रष्ट और कामचोर राज्य सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है, जो केवल तुष्टिकरण की राजनीति और केंद्र की योजनाओं में अड़ंगा लगाने के लिए जानी जाती है। राज्य सरकार के असहयोग और जमीनी विवादों के बावजूद मोदी सरकार ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) के संकल्प के साथ बंगाल के आम नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ और हाई-टेक रेल यात्रा का अधिकार देने जा रही है। केंद्र की इस कड़क नीति ने साबित कर दिया है कि बंगाल के वास्तविक विकास का रास्ता केवल और केवल राष्ट्रवाद की राजनीति से ही होकर गुजरता है।











