तेहरान/वाशिंगटन: मध्य पूर्व (West Asia) में जारी सैन्य संघर्ष अब अपने सबसे भीषण और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी वायुसेना द्वारा किए गए हालिया हमलों के जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाते हुए दर्जनों कड़ा प्रहार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें (Ballistic Missiles) कड़ाई से दाग दी हैं। इराक और सीरिया स्थित अमेरिकी रक्षा ठिकानों और रणनीतिक एयरबेस पर हुए इन ताबड़तोड़ मिसाइल हमलों के तुरंत बाद पेंटागन में हड़कंप मच गया है और पूरे पश्चिम एशिया के एयरस्पेस में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
अमेरिकी मध्य कमान (US Central Command – CENTCOM) और रक्षा विभाग से मिले आधिकारिक सैन्य इनपुट्स के मुताबिक, अमेरिका के पेट्रियट और थाड (THAAD) मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स ने कई ईरानी मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर मलबे में तब्दील कर दिया, हालांकि कुछ सैन्य ठिकानों के पास भीषण धमाकों की खबर है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस कड़े मिसाइल हमले की जिम्मेदारी लेते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सेना ने अपनी आक्रामक कार्रवाई तुरंत नहीं रोकी, तो क्षेत्र में मौजूद उनके सभी सिंडिकेट्स को तबाह कर दिया जाएगा।
ईरान का यह सीधा और भयंकर सैन्य दुस्साहस उन रक्षा विश्लेषकों के मुंह पर सबसे करारा तमाचा है, जो मान रहे थे कि पेंटागन की एयर स्ट्राइक्स के बाद तेहरान का प्रतिरोध कमजोर पड़ चुका है। ‘नेशन First’ (Nation First) के विजन और अपने सैनिकों की सुरक्षा पर ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रही अमेरिकी सेना ने भी अपनी स्ट्राइक फॉर्मेशन की ‘बेंच स्ट्रेंथ’ को री-लॉन्च कर दिया है। इस भयंकर मिसाइल अटैक के बाद अमेरिकी बल अब तेहरान के खिलाफ महा-जवाबी कार्रवाई (Counter-Offensive) करने के लिए पूरी तरह से फ्रंट-फुट पर आ चुके हैं।










