नई दिल्ली: भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और ज्ञान-दीक्षा के महान पर्व ‘गुरु पूर्णिमा’ आज पूरे देश में अपार श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ कड़ाई से मनाई जा रही है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा यानी महर्षि वेदव्यास की जयंती के इस पावन अवसर पर देशभर के प्रसिद्ध मंदिरों, धार्मिक आश्रमों और शैक्षणिक संस्थानों में गुरुओं का पूजन और वंदन किया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं और भारत की महान ‘गुरु-शिष्य परंपरा’ के प्रति अपनी गहरी निष्ठा व्यक्त की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट करते हुए देशवासियों को बधाई दी और लिखा—”देशवासियों को गुरु पूर्णिमा की ढेरों शुभकामनाएं। यह पावन दिन हमारे जीवन को सही दिशा देने वाले, ज्ञान का प्रकाश फैलाने वाले और सन्मार्ग पर ले जाने वाले गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। हमारे गुरुओं का मार्गदर्शन ही सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की सबसे बड़ी प्रेरणा है।” वहीं, उपराष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी अपने आधिकारिक संदेशों में कहा कि भारत का समृद्ध ज्ञान-विज्ञान और सांस्कृतिक ‘बेंच स्ट्रेंथ’ हमारे गुरुओं के त्याग और तपस्या की ही अमर देन है।
नेताओं द्वारा व्यक्त की गई यह कड़क और पारदर्शी सांस्कृतिक निष्ठा उन वामपंथी टूलकिट सिंडिकेट्स के मुंह पर सबसे करारा तमाचा है, जो भारत की सनातन संस्कृति और प्राचीन परंपराओं को नीचा दिखाने का झूठा प्रोपेगैंडा फैलाते रहते हैं। ‘नेशन First’ (Nation First) के विजन और सांस्कृतिक मूल्यों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति के साथ आगे बढ़ रहा नया भारत आज अपनी जड़ों से जुड़कर गुरुओं के आशीर्वाद के साथ सफलता के हर मोर्चे पर पूरी तरह से फ्रंट-फुट पर खेल रहा है।









