नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था और सुरक्षा चाक-चौबंद रखने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर एक बड़ा कड़ा कदम उठाया है। प्रशासन द्वारा जारी ताजा आदेशों के तहत दिल्ली मेट्रो के 16 चुनिंदा और अति-संवेदनशील स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार यात्रियों के लिए कड़ाई से बंद कर दिए गए हैं। हालांकि, यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो के तीन सबसे बड़े इंटरचेंज जंक्शनों—राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर एक लाइन से दूसरी लाइन में ट्रेन बदलने की सुविधा बिना किसी रुकावट के पारदर्शी तरीके से जारी रहेगी।
डीएमआरसी और दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम से मिले आधिकारिक इनपुट्स के मुताबिक, यह कड़ा फैसला शहर के प्रमुख प्रशासनिक इलाकों में किसी भी संभावित अनधिकृत जमावड़े या हुड़दंग को रोकने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति के तहत लिया गया है। जिन स्टेशनों के गेट बंद किए गए हैं, वहां केवल बाहर निकलने या भीतर प्रवेश पर पाबंदी रहेगी, जबकि अंदरूनी ट्रेन ऑपरेशन्स और कनेक्टिविटी की ‘बेंच स्ट्रेंथ’ पूरी तरह चालू रखी गई है। मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपने सफर से पहले ऑफिशियल ऐप पर रियल-टाइम स्टेटस कड़ाई से चेक कर लें।
सुरक्षा बलों और मेट्रो प्रशासन की यह कड़क मुस्तैदी उन वामपंथी टूलकिट सिंडिकेट्स और हुड़दंगियों के मुंह पर सबसे करारा तमाचा है, जो सार्वजनिक नेटवर्क का फायदा उठाकर राजधानी में अशांति फैलाने का झूठा नैरेटिव गढ़ते हैं। ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) के विजन पर काम कर रही सुरक्षा एजेंसियों ने साफ कर दिया है कि आम नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस कड़े और पारदर्शी इंतजाम के जरिए यातायात कनेक्टिविटी को सुचारू रखते हुए सुरक्षा बल पूरी तरह फ्रंट-फुट पर स्थिति को कड़ाई से संभाले हुए हैं।











