नई दिल्ली: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर भड़के उग्र छात्र आंदोलन की गूंज अब देश की संसद में सुनाई देने लगी है। विपक्षी दलों के भारी हंगामे और कार्यस्थगन प्रस्ताव के दबाव के बीच केंद्र सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में विशेष चर्चा कराने की सहमति दे दी है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस विषय पर देश के गृह मंत्री स्वयं सदन में उपस्थित रहकर सभी सवालों का आधिकारिक जवाब देंगे।
संसद के दोनों सदनों में विपक्षी सांसदों ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर जमकर नारेबाजी की और झारखंड सरकार के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाए। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई, जिसके बाद संसदीय कार्य मंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता के मुद्दे पर किसी भी तरह की बहस से पीछे नहीं हट रही है।
गृह मंत्रालय द्वारा जवाब दिए जाने की घोषणा के बाद माना जा रहा है कि केंद्र सरकार इस मामले में राज्य से रिपोर्ट तलब करने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर पारदर्शी परीक्षा कानून और केंद्रीय जांच एजेंसी के हस्तक्षेप की संभावनाओं पर स्थिति स्पष्ट कर सकती है। इस फैसले से सड़क से लेकर संसद तक गरमाए राजनीतिक माहौल को शांत करने की कोशिश की जा रही है, जबकि आंदोलनकारी छात्रों की नज़रें अब संसद में होने वाले आधिकारिक वक्तव्य पर टिकी हैं।









