ग्लोबल साउथ की बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर का संबोधन: विकासशील देशों के साझा हितों को मजबूती से उठाने पर बल

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ग्लोबल साउथ के सदस्य देशों की एक महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एकजुटता के साथ उठाने का आह्वान किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बदलती वैश्विक परिस्थितियों में विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के सामने मौजूद चुनौतियों और उनके समाधान के लिए साझा रणनीतियों पर प्रकाश डाला।

विदेश मंत्री ने रेखांकित किया कि खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा संकट, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दे ग्लोबल साउथ के देशों को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और वैश्विक वित्तीय तंत्र में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बहुपक्षीय व्यवस्था को अधिक समावेशी और संतुलित बनाया जाना चाहिए, ताकि विकासशील राष्ट्रों की आवाज को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।

इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत की ओर से साझा सहयोग, तकनीक के आदान-प्रदान और सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पारस्परिक साझेदारी को गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। बैठक को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी एकजुटता और सशक्त साझेदारी के माध्यम से ही ग्लोबल साउथ के देश वैश्विक नीति-निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित कर सकते हैं।

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