देश की राजधानी दिल्ली को अवैध निर्माण, अतिक्रमण और अनधिकृत कंक्रीट के जंगलों से पूरी तरह मुक्त कराने के लिए उपराज्यपाल (एलजी) विनय कुमार सक्सेना ने एक बहुत ही कड़ा और अभूतपूर्व प्रशासनिक रुख अपनाया है। दिल्ली में धड़ल्ले से चल रहे अवैध निर्माण और बिल्डर माफियाओं के सांठगांठ पर पूर्ण विराम लगाने के उद्देश्य से एलजी ने नगर निगम (एमसीडी) के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उपराज्यपाल ने एमसीडी कमिश्नर और सभी जोनल अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया है कि वे दिल्ली के सभी 12 जोन में अवैध निर्माण को पूरी तरह रोकने के लिए अगले 15 दिनों के भीतर एक व्यापक और समयबद्ध कार्ययोजना (Time-Bound Strategy) लागू करें। एलजी के इस कड़े आदेश से दिल्ली के भ्रष्ट इंजीनियरों, स्थानीय निगम अधिकारियों और अवैध रूप से बहुमंजिला इमारतें खड़ी करने वाले भू-माफियाओं के भीतर भारी हड़कंप मच गया है।
राजभवन (एलजी सचिवालय) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, उपराज्यपाल ने एमसीडी को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि दिल्ली में अब किसी भी प्रकार का नया अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एलजी ने एक बेहद पारदर्शी और सख्त व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है, जिसके तहत यदि किसी क्षेत्र में अवैध निर्माण की शिकायत मिलती है या कोई अनधिकृत इमारत खड़ी पाई जाती है, तो केवल उस इमारत को सील या ध्वस्त नहीं किया जाएगा, बल्कि उस क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर (JE), असिस्टेंट इंजीनियर (AE) और संबंधित जोनल डिप्टी कमिश्नर की सीधी जवाबदेही (Accountability) तय की जाएगी। दोषी पाए जाने पर भ्रष्ट अधिकारियों को न केवल सस्पेंड किया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ सीधे तौर पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, एलजी ने कड़ाई से कहा है कि कानून का पालन कराने वाले ईमानदार अधिकारियों को पूरी सुरक्षा और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
राष्ट्रवादी विचारकों और दिल्ली के जागरूक नागरिक संगठनों का मानना है कि उपराज्यपाल का यह भ्रष्टाचार-विरोधी कदम दिल्ली की सुरक्षा, नागरिक सुविधाओं और पर्यावरण के लिहाज से बेहद अनिवार्य था। यह कड़ा प्रशासनिक प्रहार उन छद्म-सेक्युलर और वोटबैंक की राजनीति करने वाले राजनीतिक दलों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो केवल अपने तुष्टिकरण और अवैध वोट बैंक को बचाने के लिए रोहिंग्याओं, अवैध घुसपैठियों और बिल्डर माफियाओं को सरकारी जमीनों पर अनधिकृत कब्जे की खुली छूट देते रहे हैं। अवैध निर्माण के कारण दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम, बिजली-पानी की आपूर्ति और पार्किंग व्यवस्था पर जो भारी दबाव बना हुआ था, वह अब पूरी तरह दुरुस्त होने की राह पर है। सोशल मीडिया और गूगल सर्च इंजन पर आज ‘Delhi LG Strict Action Illegal Construction’ और ‘MCD Time Bound Plan Delhi’ सबसे ऊपर ट्रेंड कर रहा है। उपराज्यपाल के इस ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) वाले संकल्प से यह साफ हो गया है कि दिल्ली को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्वच्छ और कानून-सम्मत राजधानी बनाने के मार्ग में आने वाले किसी भी भ्रष्ट तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।











