देश के पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आज, 4 मई 2026 को घोषित किए जा रहे हैं। सुबह से आ रहे रुझानों ने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी है। सबसे चौंकाने वाले परिणाम पश्चिम बंगाल से आ रहे हैं, जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ममता बनर्जी के 15 साल पुराने किले को ध्वस्त करते हुए ऐतिहासिक बढ़त बना ली है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, भाजपा 193 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) महज 95 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। पश्चिम बंगाल में बहुमत के लिए 148 सीटों की आवश्यकता है और भाजपा इस जादुई आंकड़े को बहुत पीछे छोड़ चुकी है। आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ की पनिहाटी सीट से बढ़त ने इस चुनाव को भावनात्मक मोड़ दे दिया है।
पूर्वोत्तर के राज्य असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए (NDA) लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की ओर अग्रसर है। भाजपा गठबंधन यहाँ 80 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन काफी पीछे छूट गया है। वहीं, दक्षिण भारत के तमिलनाडु में इस बार बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल रहा है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने दशकों पुरानी द्रमुक-अन्नाद्रमुक (DMK-AIADMK) की बादशाहत को हिला कर रख दिया है। टीवीके वर्तमान में 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके और अन्नाद्रमुक दोनों ही काफी पीछे चल रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु की जनता ने पारंपरिक राजनीति से ऊबकर एक नए विकल्प को चुना है।
केरल में भी सत्ता परिवर्तन की लहर साफ दिखाई दे रही है। एलडीएफ (LDF) सरकार के खिलाफ भारी सत्ता विरोधी लहर के बीच कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने बड़ी बढ़त हासिल की है। यूडीएफ गठबंधन राज्य की 140 सीटों में से लगभग 100 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन स्वयं अपनी सीट धर्मदाम पर कड़े मुकाबले का सामना कर रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एनआर कांग्रेस और भाजपा गठबंधन (NDA) की सत्ता में वापसी तय मानी जा रही है, जहाँ मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी थत्तांचवाड़ी सीट से जीत की ओर बढ़ रहे हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, दोपहर तक अधिकांश सीटों के परिणाम स्पष्ट हो जाएंगे, लेकिन वर्तमान रुझानों ने यह साफ कर दिया है कि 2026 का यह चुनावी दंगल भारतीय राजनीति में कई दिग्गजों की विदाई और नए सितारों के उदय का गवाह बनेगा।











