पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के लिए आज, 29 अप्रैल को मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य की कुल 294 सीटों में से शेष 142 निर्वाचन क्षेत्रों में हो रहे इस मतदान को लेकर निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सभी 142 सीटों पर CCTV कैमरों और वेबकास्टिंग के जरिए सीधी निगरानी रखी जा रही है। कोलकाता स्थित मुख्य नियंत्रण कक्ष से अधिकारी हर बूथ की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे हैं। CEO ने मतदाताओं से बिना किसी डर के घरों से बाहर निकलने और शांतिपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग करने की भावुक अपील की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या मतदाताओं को डराने-धमकाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की भारी तैनाती की गई है। मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे को ‘नो-गो ज़ोन’ घोषित किया गया है, जहाँ केवल वैध मतदाता और अधिकृत कर्मचारी ही प्रवेश कर सकते हैं। आयोग ने इस बार तकनीक का बड़े स्तर पर सहारा लिया है; लगभग 3,000 से अधिक कैमरों और ड्रोन के जरिए मतदान केंद्रों के बाहर की भीड़ और संदेहास्पद गतिविधियों को ट्रैक किया जा रहा है। विशेष सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है जो भीड़ में शरारती तत्वों की पहचान करने में सक्षम है। प्रशासन का लक्ष्य 2021 के चुनावों की तुलना में अधिक शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना है, जिसके लिए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडो लगातार गश्त कर रहे हैं।
राजनीतिक रूप से यह चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें राज्य के कई दिग्गज नेताओं की किस्मत ईवीएम में कैद होने वाली है। एक ओर जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर केंद्रीय बलों के दुरुपयोग और चुनाव में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेतृत्व ने बंगाल में ‘परिवर्तन’ और सुशासन का दावा किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से बंगाल की जनता, विशेषकर युवाओं और महिला मतदाताओं से रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने का आग्रह किया है। मतदान सुबह 7:00 बजे शुरू हुआ और शाम 6:00 बजे तक चलेगा। आज की वोटिंग के साथ ही बंगाल की सत्ता का भविष्य तय हो जाएगा, जिसके परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।











