हैदराबाद: भारतीय सैन्य इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है, जिसने देश के सुरक्षा तंत्र और नारी शक्ति के बढ़ते सामर्थ्य को वैश्विक पटल पर एक नई ऊंचाई दी है। हैदराबाद के पास डुंडीगल में वायु सेना अकैडमी (AFA) में आयोजित कड़क और भव्य कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड (CGP) के दौरान राष्ट्रीय रक्षा अकैडमी (NDA) की पहली महिला बैच की जांबाज बेटियों समेत कुल 231 कैडेट भारतीय वायु सेना (IAF) में पूरी शान के साथ शामिल हो गए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में परेड की सलामी ली और इन युवा फाइटर्स को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति कमीशन’ प्रदान किया।
इस ऐतिहासिक दीक्षांत समारोह के दौरान परेड ग्राउंड पर युवा अधिकारियों का जोश और अनुशासन देखने लायक था। वायु सेना में शामिल हुए इन नए अधिकारियों में फ्लाइंग और ग्राउंड ड्यूटी शाखाओं के जांबाज शामिल हैं, जिनमें एनडीए से पास आउट होकर देश की पहली महिला लड़ाकू और तकनीकी बैच की कैडेट्स ने भी अपनी जगह पक्की की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विंग्स और ब्रेवेट्स प्रदान करते हुए युवा अधिकारियों को संबोधित किया और कहा कि ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा नया भारत अब सीमाओं की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने नारी शक्ति की इस अभूतपूर्व एंट्री को देश के सैन्य आधुनिकीकरण और लैंगिक समानता की कड़क मिसाल बताया।
यह ऐतिहासिक उपलब्धि उन छद्म-विशेषज्ञों और वामपंथी सिंडिकेट्स के मुंह पर करारा तमाचा है, जो हमेशा भारतीय सेनाओं में महिलाओं की लड़ाकू भूमिकाओं पर सवाल उठाकर देश को पीछे धकेलने की साजिश रचते थे। मोदी सरकार की ‘जीरो कॉम्प्रोमाइज’ (Zero Compromise) and रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नीति के तहत आज भारत की बेटियां राफेल और सुखोई जैसे फाइटर जेट्स उड़ाकर दुश्मनों के हौसले पस्त कर रही हैं। परेड के दौरान देश की रक्षा का कड़ा संकल्प लेने वाले इन 231 कैडेट्स की एंट्री से भारतीय वायु सेना की मारक क्षमता और ‘बेंच स्ट्रेंथ’ दोनों पहले से कई गुना अधिक मजबूत हो गई है, जिससे चीन और पाकिस्तान के रक्षा खेमों में पहले ही हड़कंप मचा हुआ है।











