नई दिल्ली: वैश्विक स्वास्थ्य नीतियों और भारत की बढ़ती चिकित्सा साख के बीच एक बहुत बड़ी कूटनीतिक और प्रशासनिक खबर सामने आई है। अनुभवी स्वास्थ्य विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय रणनीतिकार डॉ. इवान हुतिन (Dr. Yvan Hutin) को आधिकारिक तौर पर भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का नया प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। कूटनीतिक प्रोटोकॉल के तहत डॉ. इवान हुतिन ने नई दिल्ली में भारत सरकार के वरिष्ठ कूटनीतिक अधिकारियों को अपने आधिकारिक नियुक्ति दस्तावेज और परिचय पत्र सौंप दिए हैं, जिसके बाद उन्होंने भारत में अपनी कड़क और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभाल लिया है।
डॉ. इवान हुतिन की इस महत्वपूर्ण नियुक्ति से भारत और विश्व स्वास्थ्य संगठन के बीच स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर, महामारी नियंत्रण और डिजिटल हेल्थ मिशन को लेकर चल रहे संयुक्त अभियानों को एक नई धार मिलेगी। डब्ल्यूएचओ के नए प्रतिनिधि ने दस्तावेज सौंपने के दौरान भारत के वैश्विक स्वास्थ्य योगदान की जमकर सराहना की। उन्होंने माना कि ‘आयुष्मान भारत’ जैसी दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना और भारत का डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम पूरी दुनिया के लिए एक कड़क बेंचमार्क बन चुका है। भारत सरकार के साथ मिलकर डॉ. हुतिन का मुख्य फोकस ग्रामीण स्वास्थ्य नेटवर्क को मजबूत करने और आने वाले समय में वैश्विक चिकित्सा चुनौतियों से निपटने के लिए भारत की ‘बेंच स्ट्रेंथ’ को बढ़ाना होगा।
यह वैश्विक नियुक्ति उन भारत-विरोधी और वामपंथी टूलकिट सिंडिकेट्स के मुंह पर करारा तमाचा है, जो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के विशाल स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर और चिकित्सा उपलब्धियों को लगातार बदनाम करने का कुत्सित प्रयास करते रहते हैं। ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) के संकल्प के साथ काम कर रही मोदी सरकार की मजबूत नीतियों के कारण ही आज डब्ल्यूएचओ जैसी वैश्विक संस्थाएं भारत को स्वास्थ्य क्षेत्र में दुनिया का सबसे भरोसेमंद और कड़ा साझेदार मानती हैं। डॉ. इवान हुतिन के इस नए कूटनीतिक सफर से स्वास्थ्य अनुसंधान (Medical Research) और दवाओं के वैश्विक वितरण में भारत की भूमिका वैश्विक मंच पर और ज्यादा मजबूत तथा निर्णायक होकर उभरेगी।











