काठमांडू/नई दिल्ली: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बीच भारत सरकार द्वारा ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान संचालित किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों से अब तक कुल 166 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इसके साथ ही, कैलाश मानसरोवर यात्रा और अन्य गतिविधियों के सिलसिले में तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र गए 410 भारतीय नागरिक भी चीन से सुरक्षित रवाना हो चुके हैं।
आपदा राहत को तेज करने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) का पांचवां विशेष विमान चिकित्सा आपूर्ति और आपदा राहत सामग्री लेकर काठमांडू पहुंचा है। इस खेप में आवश्यक दवाइयां, शल्य चिकित्सा उपकरण, कंबल, पोर्टेबल जनरेटर, तिरपाल और स्वच्छता किट शामिल हैं। अब तक भारत की ओर से नेपाल को 74 टन से अधिक राहत सामग्री और अत्याधुनिक उपकरण सौंपे जा चुके हैं, जिसे भारतीय राजदूत द्वारा स्थानीय अधिकारियों को औपचारिक रूप से सुपुर्द किया गया।
धरातल पर भारतीय विशेषज्ञ दल नेपाली सेना के साथ मिलकर लगातार बचाव कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। भारतीय टनल रेस्क्यू टीम ने चिलीमे टनल में भारी कीचड़ और मलबे को साफ करते हुए तलाशी अभियान को आगे बढ़ाया है। वहीं, काठमांडू स्थित प्रयोगशालाओं में भारतीय फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम अज्ञात पीड़ितों की वैज्ञानिक शिनाख्त के लिए नेपाली डॉक्टरों के साथ मिलकर लगातार डीएनए नमूनों का विश्लेषण कर रही है।











